Monday, 23 December 2013

यह देश है वीर जवानों का,अलबेलों का मस्तानों का,
इस देश का यारो क्या कहना,यह देश है दुनिया का गहना,

यहाँ चौड़ी छाती वीरों की,यहाँ भोली शक्लें हीरों की,
यहाँ गाते हैं राँझे मस्ती में,मचती हैं धूमें बस्ती में,

पेडों पे बहारें झूलों की,राहों में कतारें फूलों की,
यहाँ हँसता है सावन बालों में,खिलती हैं कलियाँ गालों में,

कहीं दंगल शोख जवानों के,कहीं करतब तीर कमानों के,
यहाँ नित-नित मेले सजते हैं,नित ढ़ोल और तासे बजते हैं,

दिलवर के लिए दिलदार हैं हम,दुश्मन के लिए तलवार हैं हम,
मैदाँ में अगर हम डट जाएँ, मुश्किल है कि पीछे हट जाएँ,

यह देश है वीर जवानों का,अलबेलों का मस्तानों का,
इस देश का यारो क्या कहना,यह देश है दुनिया का गहना,

Friday, 20 December 2013

मुँह की बात सुने हर कोई, दिल के दर्द को जाने कौन ?
आवाजों के बाजारों में, खामोशी पहचाने कौन?