Saturday, 9 February 2019

बैठ गरुण के पंखों पर

बैठ गरुण के पंखों पर हम,
आसमान से कर लें बातें,
चंदा के घर नाचें गाएँ,
हो जब पूरनमासी रातें,
मोद मनाएं मंगल पर और,
शनि के वलय संग हम घूमें,
वृहस्पति पर क्रिकेट खेलें,
और मित्रों संग प्लूटो पर झूमें,
संग मछलियों के तैरेंगे,
सागर के तल में हम जाकर,
परियों की जादू वाली जो,
छड़ी हमें कोई दे दे,लाकर

1 comment:

नीलम राकेश said...

वाह बहुत सुंदर