Thursday, 25 September 2014

आसमान में ऊँची उड़ती, है प्यारी चिड़िया,
खूब हमारे मन को भाती, है प्यारी चिड़िया,

रंगबिरंगे पंखों वाले कपड़े यह पहने,
चौकन्नी हर पल है इसकी फुर्ती क्या कहने,

पास नहीं आती मन को, पर बहुत लुभाती है,
संग उड़ें हम इसके , ऐसा मन ललचाती है,

हम भी एक बनाएँगे अब , ऐसी ही चिड़िया,
सुन्दर पंख रंगेंगे जो होंगे , एकदम बढ़िया,

प्यारी नन्ही चिड़िया को, हम मित्र बनाएँगे,
मूर्ति बना कर रंगबिरंगे, चित्र बनाएँगे,

आजा री अब ना जा री तू ओ प्यारी चिड़िया,
मनभाता वो चीं-चीं गाना अब गा री चिड़िया,

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