फूल का राजा कौन भला,
अगर पता तो मुझे बता,
अगर पता तो मुझे बता,
आँखों में बस जाता है,
काँटों में मुस्काता है,
काँटों में मुस्काता है,
रंगबिरंगे पहन वसन,
हरषाता जन जन का मन,
हरषाता जन जन का मन,
सुबह खिले, मुरझाता शाम,
मगर अमर कर जाता नाम,
मगर अमर कर जाता नाम,
वो है फूलों का सरताज,
कौन बराबर उसके आज,
कौन बराबर उसके आज,
जिसका कोई नहीं जबाब,
वो है खुश्बूदार गुलाब,
वो है खुश्बूदार गुलाब,
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