Saturday, 2 September 2017

दुबे जी के पड़ोस में सत्यनारायण कथा की आरती हो रही थी,
आरती की थाली दुबे जी के सामने आने पर,
दुबे जी नेअपनी जेब में से छाँटकर कटा-फटा दस रूपये का नोट कोई देखे नहीं, ऐसे डाला ।
वहाँ पर अत्यधिक ठसाठस भीड़ थी ।
दुबे जी के कंधे पर ठीक पीछे वाली आंटी ने थपकी मार कर दुबे जी की ओर ₹2000 का नोट बढ़ाया ।
दुबे जी ने उनसे नोट ले कर आरती की थाली में डाल दिया ।
दुबे जी को अपने ₹10 डालने पर थोड़ी लज्जा भी आई ।
बाहर निकलते समय दुबे जी ने उन आंटी को श्रद्धा पूर्वक नमस्कार किया,
तब आंटी ने दुबे जी को बताया कि ₹10 का नोट निकालते समय आपका ₹2000 का नोट जेब से गिरा था, वो ही आपको वापिस किया था ।

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