झुंड में हैं ये बच्चे,
अथवा फूलों का गुलदस्ता,
साथ में हों जब इनके
तो लगता हमको अच्छा,
इस जहान में हैं जितने,
वे सब दुखदर्द भुलाकर,
बच्चों के संग में ये मन भी
हो जाता है बच्चा,
अथवा फूलों का गुलदस्ता,
साथ में हों जब इनके
तो लगता हमको अच्छा,
इस जहान में हैं जितने,
वे सब दुखदर्द भुलाकर,
बच्चों के संग में ये मन भी
हो जाता है बच्चा,
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