Saturday, 2 September 2017

जो हम से ना हो पाया,
वो तुम करके दिखलाओगी,
सिंधु साइना हो कोई भी,
उभर के ऊपर आओगी,
मुझे याद रखो या भूलो,
पर खुद पर इतराओगी,
मेरे इस मेडल से ज्यादा,
ऊँचे मेडल लाओगी,
पुलेला गोपीचंद
एक आदमी जो इलेक्शन मे किस्मत आजमा रहा था उसे सिर्फ तीन वोट मिले।
तो वो सरकार से जेड प्लस की सुरक्षा मांगने गया ,
जिले के डी एम साहब ने समझाते हुए कहा "आप को सिर्फ तीन वोट मिले हैं , फिर आप को जेड प्लस कैसे दी जा सकती है ?? "
वह आदमी बोला "जिस शहर मे इतने सारे लोग मेरे खिलाफ हों , तो मुझे मरवाओगे क्या ?? मुझे तो सुरक्षा मिलनी ही चाहिए।"
ये निर्मल निश्छल हँसी,
खिलते जैसे फूल,
ज्यों ज्यों बढ़ती उमर है,
हम जाते हैं भूल,
मेहनत और लगन का चमके,
जिन पैरों में जूता,
रोक सकेगा कौन उसे फिर,
किसमें इतना बूता,

1. धान-पान अरु केरा, तीनों पानी के चेरा

2. तरकारी है तरकारी या में पानी की अधिकारी

काला फूल न पाया पानी धान मरा अधबीच जवानी

3. करिया बादर जी डरवावे, भूरा बादर पानी लावे

माघ-पूस पुरवैया चले तो छिछली गड़हिया नाव चलावे
अदबी नामों की दिलचस्प
हकीकत ?
----------------------------------------जानें इन मशहूर शायरों के असली नाम...
मिर्ज़ा ग़ालिब = मिर्ज़ा असदुल्ला खां, असद, मिर्ज़ा नौशा
मख़्मूर सईदी = सुल्तान मुहम्मद खां
फ़िराक़ गोरखपुरी = रघुपति सहाय मिश्र
कमर जलालाबादी = औम प्रकाश भण्डारी
निदा फाजली = मुक्तदा हसन
साहिर लुधियानवी = अब्दुल हई
शहरयार = प्रो. अखलाक मोहम्मद खां
गुलज़ार = सम्पूर्ण सिंह कालरा
कतील शिफाई = औरंगज़ेब खान
मजरूह सुल्तानपुरी = असरार उल हसन खान
जिगर मुरादाबादी = अली सिकन्दर
दाग देहलवी = नवाब मिर्ज़ा खां
अदम गोंडवी = रामनाथ सिंह
ज़ौक = मोहम्मद इब्राहिम ज़ौक
जोश मलीहाबादी = शब्बीर हसन खां
फानी बदायूंनी = शौकत अली खां
होश तिर्मज़ी = सैयद सिब्ते हसन
नीरज = गोपालदास नीरज
शकील बदायूंनी = शकील अहमद कादरी
इब्ने इंशा = शेर माहम्मद खां
रिफअत सरोश = सैयद शौकत अली
कैसर उल जाफरी = जुबैर अहमद
मुनीर नियाज़ी = मोहम्मद मुनीर खां
बशर नवाज़ = बशारत नवाज़ खां
शैदा बघौनवी = शहाबुद्दीन अहमद
तुफैल चतुर्वेदी = विजय कृष्ण चतुर्वेदी
मैकश अजमेरी = मोहम्मद युनूस
शीन काफ निज़ाम = शिव किशन बिस्सा
रियाज़ गाजियाबादी = मेहर इलाही खां
मयंक अकबराबादी = के. के. सिंह
साहिर होशियारपुरी = रामप्रकाश
अहमद फराज़ = सैयद अहमद शाह
मीना कुमारी = माहज़बीं अली बख़्श
नज़्मा = शमशाद नज़्मा
जलील मानकपुरी = जलील हसन
नज़ीर अकबराबादी = सैयद वली मोहम्मद
हफीज जालंधरी = अब्दुल असर हफीज
शेरी भोपाली = मुहम्मद असगर खान
गुलशन बावरा = गुलशन कुमार मेहता
खातिर गज़नवी = मिर्ज़ा इब्राहिम बेग
दुबे जी के पड़ोस में सत्यनारायण कथा की आरती हो रही थी,
आरती की थाली दुबे जी के सामने आने पर,
दुबे जी नेअपनी जेब में से छाँटकर कटा-फटा दस रूपये का नोट कोई देखे नहीं, ऐसे डाला ।
वहाँ पर अत्यधिक ठसाठस भीड़ थी ।
दुबे जी के कंधे पर ठीक पीछे वाली आंटी ने थपकी मार कर दुबे जी की ओर ₹2000 का नोट बढ़ाया ।
दुबे जी ने उनसे नोट ले कर आरती की थाली में डाल दिया ।
दुबे जी को अपने ₹10 डालने पर थोड़ी लज्जा भी आई ।
बाहर निकलते समय दुबे जी ने उन आंटी को श्रद्धा पूर्वक नमस्कार किया,
तब आंटी ने दुबे जी को बताया कि ₹10 का नोट निकालते समय आपका ₹2000 का नोट जेब से गिरा था, वो ही आपको वापिस किया था ।