Thursday, 25 June 2015



मैं बर्फीले देश का वासी,
पेंग्विन मेरा नाम,

मछली कीडे खाना ठहरा,
मुझ पक्षी का काम,

पंख है लेकिन उड ना पाऊँ,
तैरूँ मैं भरपूर,

अगर कभी मिलना मुझसे तो,
करना प्यार जरूर,

हैं शरीर पर बाल हमारे,
काले और सफेद ,

नर हूँ या मादा हूँ तुम ना,
कर पाओगे भेद,

जब भी दौड लगाता,आती,
चेहरों पर मुस्कान,

आना मेरे देश घूमने ,
देता हूँ पैगाम,

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