यह है हन्सी गाय हमारी,
भोली भाली प्यारी प्यारी,
भोली भाली प्यारी प्यारी,
गौरी माँ की प्यारी बेटी,
सारी ममता उदर समेटी,
सारी ममता उदर समेटी,
घर आई जिस रोज हमारे,
फूल खिल गए घर के सारे,
फूल खिल गए घर के सारे,
नंदू उदित सुनयना नंदी,
नाम रखा सबने मिल हन्सी,
नाम रखा सबने मिल हन्सी,
छुटकी इसकी बेटी आई,
वह भी सबके मन को भाई,
वह भी सबके मन को भाई,
उसके हाव भाव सब प्यारे,
दूध पी रहे मिल हम सारे,
दूध पी रहे मिल हम सारे,
और कभी मिलकर जो भागे,
रहती हरदम सबसे आगे,
रहती हरदम सबसे आगे,
दूध दही मक्खन घी मट्ठा,
सादा फीका मीठा खट्टा,
सादा फीका मीठा खट्टा,
कमी रही अब नहीं किसी की,
खुश लेकर कई चीज पडोसी,
खुश लेकर कई चीज पडोसी,
रोज खिलाते दाना चारा,
और नहलाते, नियम हमारा,
और नहलाते, नियम हमारा,
खुश होकर वह दूध पिलाती,
जैसे खुश हो दाना खाती,
जैसे खुश हो दाना खाती,
सेवा की महिमा है न्यारी,
यह है हन्सी गाय हमारी,
यह है हन्सी गाय हमारी,
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