राह रोक राधा कहती राजू से,
सुन ओ भइया,
नहीं दिखाई देती अपने आँगन,
अब गौरैया,
सुन ओ भइया,
नहीं दिखाई देती अपने आँगन,
अब गौरैया,
खिडकी रोशनदान बंद हैं ,
मिलता नहीं ठिकाना,
लाला की दूकान बंद है,
नहीं मिल रहा दाना,
मिलता नहीं ठिकाना,
लाला की दूकान बंद है,
नहीं मिल रहा दाना,
जो तरंग मोबाइल वाली,
सबको राह दिखाए,
लेकिन बेचारी चिडिया को,
राहों से भटकाए,
सबको राह दिखाए,
लेकिन बेचारी चिडिया को,
राहों से भटकाए,
इस तरंग से उसकी ,
प्रजनन क्षमता भी घट जाए,
बीज घास के रहे नहीं,
तो गौरैया क्या खाए,
प्रजनन क्षमता भी घट जाए,
बीज घास के रहे नहीं,
तो गौरैया क्या खाए,
ऊँची ऊँची बिल्डिंग में जब,
बस जाए आबादी,
घर में कैसे पहुँचे चिडिया,
शहर छोड कर भागी,
बस जाए आबादी,
घर में कैसे पहुँचे चिडिया,
शहर छोड कर भागी,
सुनो बहन हम सब मिलजुल कर,
यही कसम अब खाएं,
रूठी अतिथि देव गौरैया,
को मिल आज मनाएं,
यही कसम अब खाएं,
रूठी अतिथि देव गौरैया,
को मिल आज मनाएं,
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