Thursday, 25 June 2015


रंग कहाँ से लाती इतने,
सुंदर पंखों वाली,

सब दिन रहो फुदकती,
फिरती इस डाली उस डाली,

कभी हमें ले चलो घुमाने,
अपने गाँव शहर में,

कहाँ बैठ गाने गाती,
गर्मी की दो पहर में,

बारिश में भीगती, न मिलती,
दूर -दूर तक छाँव,

सर्दी में बिन स्वेटर कैसे रहती,
भला बताओ,

समय बिताती हो तुम कैसे,
जब होती हो खाली,

रंग कहाँ से लाती इतने,
सुंदर पंखों वाली,


कहाँ हमारा जोश रुक रहा
 हम दरिया तूफानी,

हटें न पूरा किए बिना हम
मन में जो भी ठानी,

करतब ऐसे अपने,
तुमको सुन होगी हैरानी,

आओ देखो जरा
हम नन्हे हिन्दुस्तानी,

अल्मोडे की बाल मिठाई,
बोलो किसने किसनेे खाई,

पहले बर्फी सी बनबाई,
फिर नन्हीं गोली चिपकाई,

इसे बनाते हैं हलवाई,
या घर में बनती है भाई,

पापाजी ने जब मँगवाई,
लगे झगडने दोनों भाई,

मुझको पहले मुझको पहले,
पापा ने एक - एक पकडाई,

बंद किया आपस में लडना,
हँस कर खाते दोनों भाई,

खुश होकर आपस में कहते,
हमने खाई तुमने खाई,

अल्मोडे की बाल मिठाई,
आए मुझसे मिलने मित्रों,
दूर देश के वासी,

चेहरे पर मुस्कान देखकर,
भागी दूर उदासी,

कितनी दिन और रातें बीतीं,
हम बिछडे हैं कब से,

छुप कर बैठ नहीं सकते हम,
हमें मिलाओ सबसे,

हम भी क्या कम हैं कह बैठे,
बढिए, आगे आएं,

नए बहुत हैं दोस्त आज,
उनसे तुमको मिलवाएं,
साहस कर आगे तो आओ,
कदमों में आएगी मंजिल,

मिल जाएगा हर मनचाहा,
चाहोगे होगा सब हासिल,

खो सकता है कूल किनारा,
बने रहे ग़र यूँ ही गाफिल,

जीतेगा हर बाजी अपनी,
हिम्मत का सरताज मेरा दिल,
हम चिडियों सी चहक - चहक,
घर चिचियाहट से भर दें,

हँस - हँस कर ग़म की सारी,
स्थिति परिवर्तित कर दें,

इस रोती -धोती दुनियाँ को,
हँसने का अवसर दें,

अमृत दें, हमको बदले में,
चाहे लोग जहर दें,

Tuesday, 2 June 2015



यह है हन्सी गाय हमारी,
भोली भाली प्यारी प्यारी,
गौरी माँ की प्यारी बेटी,
सारी ममता उदर समेटी,
घर आई जिस रोज हमारे,
फूल खिल गए घर के सारे,
नंदू उदित सुनयना नंदी,
नाम रखा सबने मिल हन्सी,
छुटकी इसकी बेटी आई,
वह भी सबके मन को भाई,
उसके हाव भाव सब प्यारे,
दूध पी रहे मिल हम सारे,
और कभी मिलकर जो भागे,
रहती हरदम सबसे आगे,
दूध दही मक्खन घी मट्ठा,
सादा फीका मीठा खट्टा,
कमी रही अब नहीं किसी की,
खुश लेकर कई चीज पडोसी,
रोज खिलाते दाना चारा,
और नहलाते, नियम हमारा,
खुश होकर वह दूध पिलाती,
जैसे खुश हो दाना खाती,
सेवा की महिमा है न्यारी,
यह है हन्सी गाय हमारी,