Thursday, 3 November 2016

नन्हे मुन्ने बच्चे हैं हम,
ये संकल्प उठाते हैं,
सुंदर प्यारा देश हमारा,
मिलकर स्वच्छ बनाते हैं,
कल-कल करती पावन नदियां,
सबको जीवन देतीं हैं,
हरदम हरपल देतीं ही हैं,
कुछ ना हमसे लेतीँ हैं,
पूजन इनका यही,न इसमें,
डाले कोई सामग्री,
साफ स्वच्छ हम नदियाँ रक्खें,
है सच्ची अर्चना यही,
घर , स्कूल, सड़क, स्टेशन,
अस्पताल, उद्यान कोई,
मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे जैसे,
पावन स्थान सभी,
देवालय से पहले शौचालय है,
वे बतलाते हैं,
सुन्दर प्यारा देश हमारा,
मिलकर स्वच्छ बनाते हैं,
कूड़ा हो कूड़ेदानोँ में,
शपथ यही हम लेते हैं,
खुद करके दिखलाए सबको,
ये संदेशा देते हैं,
गाँव, शहर, सब गलियां अपनी,
सुंदर देश हमारा है,
जो इनको रक्खेगा सुंदर,
वह ही हमको प्यारा है,
आजादी में साँसें लेते,
ये हम पर उनका उपकार,
अब हमको मिलकर देना ही होगा,
उनको ये उपहार,
बापू का संदेशा सारे जग में,
मिल फैलाते हैं,
नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं हम,
ये संकल्प उठाते हैं,
सुंदर प्यारा देश हमारा,
मिलकर स्वच्छ बनाते हैं,

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