कभी कुछ बात कहना और कहना ... चलो रहने दो
कभी कुछ कहते कहते कह देना ... चलो रहने दो
कभी कुछ कहते कहते कह देना ... चलो रहने दो
ये अदाएं तुम्हारी ख़ास लगती हैं न जाने क्यूँ
कभी सोचा की कह डालूं,कभी सोचा ... चलो रहने दो
कभी सोचा की कह डालूं,कभी सोचा ... चलो रहने दो
जताना भी नहीं आता कि ये तुमसे कैसा रिश्ता है
तुम्हारे साथ चलता मैं , फिर सोचा ... चलो रहने दो
तुम्हारे साथ चलता मैं , फिर सोचा ... चलो रहने दो
मेरी बेक़रारी का आलम क्या है किसे जा कर बताऊँ मैं
था ये सोचा तुम को बताऊंगा , फिर सोचा...चलो रहने दो
था ये सोचा तुम को बताऊंगा , फिर सोचा...चलो रहने दो
ख्वाहिश है ये मेरी तुम्हे जी भर कर देखूं मैं
तुम्हारी तस्वीर बनाता मैं , फिर सोचा ... चलो रहने दो
तुम्हारी तस्वीर बनाता मैं , फिर सोचा ... चलो रहने दो
जो तुम रूठ जाओगी तो ग़ज़ल कह कर मना लूँगा
ऐसे जो मानूं तो कहती हो , अच्छा ... चलो रहने दो
ऐसे जो मानूं तो कहती हो , अच्छा ... चलो रहने दो
रहेगी उम्मीद जब तक ये हमारे एक होने की
डर है तुम कह न दो , उम्मीद को ... चलो रहने दो.
डर है तुम कह न दो , उम्मीद को ... चलो रहने दो.
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