Saturday, 14 October 2017

अपना रावण मारें
----------------------

चुन्नू गया दशहरा मेला,
रावण फूँका गया वहाँ पर, 


चुन्नू कहे-बताओ पापा,
क्यों हर साल जलाते रावण, 


पापा बोले-चुन्नू तुमको,
क्यों ये बात समझ ना आई,

नाम सिर्फ पुतले का रावण,
खड़ी सामने यहाँ बुराई,

कहना है बस सबसे इतना,
अपने को हम आप सँवारें,

देख बुराई अपने अंदर,
हम अपने रावण को मारें,

No comments: