Sunday, 3 April 2016

देखो आया नया साल है

पेड़ों पर पत्तियां नई हैं,
रंगबिरंगे फूल कई हैं,
मौसम ने अंगड़ाई ली है,
खुशबूदार बयार बही है,

हर चेहरा खुशियों से लाल है,
देखो आया नया साल है,

बड़े हुए दिन सपनों जैसे,
नापेंगे हम नपनों जैसे,
इम्तहान का मिला नतीज़ा,
क्लास नई सब अपनों जैसे,

खुश हर एक गोपी गुपाल है,
देखो आया नया साल है,

नवरात्रि की पूजा आई,
मौसम है कितना सुखदाई,
कटी फसल अपने घर आई,
कितनी सारी खुशियां लाई,

अब ना कोई तंगहाल है,
देखो आया नया साल है,

हर पल को अब जीभर जीना,
सीख रहे हम यही करीना,
जो गलती होती आईं हैं,
दोहराएंगे उन्हें कभी ना,

कहें सभी तू बेमिसाल है,
देखो आया नया साल है,

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