Sunday, 3 April 2016

मेहरारू उपला पाथ रही,
फोटू खिंचवावत झाँक रही,
हुअ गओ बखत सब काम डरो,
देखौ गोबर को ढ़ेर धरो,
मसखरी चढ़ी खींचौ फोटू,
जे भी का कोई बात रही,
मेहरारू उपला पाथ रही,...
उपला हैं कि जे हैं कंड़ा,
मरियौ ना तुम इनमैं डंडा,
मेहनत है अल्सवेरे की,
आयी हैं बहुत अबेरे की,
लेन गई जो पानी वौ,
छोटी बिटिया हू साथ रही,
मेहरारू उपला पाथ रही...

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