एक बूँद सावन की,
तन मन को सिहराती,
बढ़ा देती प्यास,जगा देती सोए अहसास,
मन की हर धड़कन का गा उठता तार,
जीवन की बगिया में महकती बहार,
जी चाहे भेजूँ मैं हवा से संदेश,
आ जाए प्रिय मेरा गया जो परदेश,
बढ़ जाती जीने की आस,
ठन्डी हवाएं तन में चुभती हैं तीर सी,
मन में जगाती हैं मीठी इक पीर सी,
बीता कल याद आए,बिरहा यूं तड़पाएं,
यादों में घडियां वे लगती शमशीर सी,
साँसों मे घुलती तेरे तन की सुवास,
एक बूँद सावन की,
तनमन को सिहाती,
बढ़ा देती प्यास,जगा देती सोए अहसास
तन मन को सिहराती,
बढ़ा देती प्यास,जगा देती सोए अहसास,
मन की हर धड़कन का गा उठता तार,
जीवन की बगिया में महकती बहार,
जी चाहे भेजूँ मैं हवा से संदेश,
आ जाए प्रिय मेरा गया जो परदेश,
बढ़ जाती जीने की आस,
ठन्डी हवाएं तन में चुभती हैं तीर सी,
मन में जगाती हैं मीठी इक पीर सी,
बीता कल याद आए,बिरहा यूं तड़पाएं,
यादों में घडियां वे लगती शमशीर सी,
साँसों मे घुलती तेरे तन की सुवास,
एक बूँद सावन की,
तनमन को सिहाती,
बढ़ा देती प्यास,जगा देती सोए अहसास
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