कल का हिन्दुस्तान.........
Wednesday, 24 July 2013
साज-ए-ग़म छेड़ न मुतरिब, तू इस वीराने में,
जाएगा दिल की तरह दम भी, याद आने में,
मुतरिब--संगीतकार
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