Wednesday, 24 July 2013

जब तक नंगे बदन बिहारी या गोपी मोहताज है,
तब तक कोई कैसे कह दे सचमुच हुआ सुराज है,
पर निराश होने की कोई बात नहीं है साथियो,
सदा नहीं रह सकती वैसी हालत जैसी आज है,

-- बलबीरसिंह रंग

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