जब तक नंगे बदन बिहारी या गोपी मोहताज है,
तब तक कोई कैसे कह दे सचमुच हुआ सुराज है,
पर निराश होने की कोई बात नहीं है साथियो,
सदा नहीं रह सकती वैसी हालत जैसी आज है,
-- बलबीरसिंह रंग
तब तक कोई कैसे कह दे सचमुच हुआ सुराज है,
पर निराश होने की कोई बात नहीं है साथियो,
सदा नहीं रह सकती वैसी हालत जैसी आज है,
-- बलबीरसिंह रंग
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