Saturday, 12 September 2015

भइया आज हमारा दिन है,
मै राखी बाधूँगी तुझको,
नन्ही बहना हूँ मैं तेरी,
भूल नहीं जाना तुम हमको,
लड़ते -भिड़ते हैं हम फिर भी,
इक दूजे को प्यारे हैं,
मम्मी और पापा दोनों की,
आँखों के हम तारे हैं,
बहन न तुझसे आज लडूँगा,
तेरी बातें मानूँगा,
पापा से पैसे लेकर मैं,
गिफ्ट तुझे दिलवा दूँगा,
होने दे तू बड़ा मुझे,
मैं ढ़ेरों नोट कमाऊँगा,
लेकिन अभी पकड़ चरखी,
मैं छत पर पतंग उडाऊँगा,

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