अगर तुमने प्रेम को पकड़ बनाया,तुम्हारा प्रेम नष्ट हो जाएगा। तुमने जिसे प्रेम दिया उसे अगर तुमने स्वतंत्रता भी दी,दूर जाने की सुविधा भी दी, वह तुमसे कभी दूर न जा सकेगा। हमारी चेतना स्वतंत्रता चाहती है, जो बाँधता है उससे हम मुक्त होना चाहते हैं।
इसलिए अगर तुम सच में ही प्रेम करते हो तो स्वतंत्रता देना नहीं तो जिसे तुम प्रेम करोगे वही तुमसे दूर चला जाएगा।
इसलिए अगर तुम सच में ही प्रेम करते हो तो स्वतंत्रता देना नहीं तो जिसे तुम प्रेम करोगे वही तुमसे दूर चला जाएगा।
ओशो
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