क्या ग़म जो अँधेरी हैं रातें,
इक शमा-ए-तमन्ना साथ तो है
कुछ और सहारा हो के न हो,
हाथों में तुम्हारा हाथ तो है ।
इक शमा-ए-तमन्ना साथ तो है
कुछ और सहारा हो के न हो,
हाथों में तुम्हारा हाथ तो है ।
क्या जानिए कितने दीवाने
घर फूंक तमाशा देख चुके
जिस प्यार की दुनिया दुश्मन है,
उस प्यार में कोई बात तो है ।
घर फूंक तमाशा देख चुके
जिस प्यार की दुनिया दुश्मन है,
उस प्यार में कोई बात तो है ।
साहिर
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