कल का हिन्दुस्तान.........
Saturday, 12 September 2015
मन हो हर्षित,तन हो प्रमुदित,
पुलकित वसुन्धरा,
जीवन का संतुलन साध लो,
सीखो इसे जरा,
बचपन का अभ्यास बनाता,
सोना तुम्हें खरा,
जो डर गया मौत से पहलेे,
समझो वही मरा,
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