वर्ष महीने हफ्ते दिन,
आते ही हैं सुबहो-शाम,
सूरज चन्दा तारे पृथ्वी,
करते कब आराम,
आते ही हैं सुबहो-शाम,
सूरज चन्दा तारे पृथ्वी,
करते कब आराम,
कितने प्राणी जन्में जग में
रह जाते गुमनाम,
नहीं वक्त का पता ठिकाना,
कर दे कब वीरान,
रह जाते गुमनाम,
नहीं वक्त का पता ठिकाना,
कर दे कब वीरान,
जीते जी जग में कर जाएँ,
हम ऐसे कुछ काम,
मरने के भी बाद हमारा,
याद रखें सब नाम,
हम ऐसे कुछ काम,
मरने के भी बाद हमारा,
याद रखें सब नाम,
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