Friday, 7 October 2016

रंग बिरंगे ये गुब्बारे,
कितने अच्छे कितने प्यारे,
इन्द्रधनुष से रंगरंगीले,
लाल हरे नीले और पीले,
देखूँ तो मन खुश हो जाए,
हाथों में लूँ मन ललचाए,
लगे हाथ ऊपर को जाए,
संग-संग उछलूँ जी में आए,
हुआ जन्मदिन पापा लाए,
संग दोस्त हम सब हर्षाए,
कटा केक तब फोड़े सारे,
रंग बिरंगे ये गुब्बारे,

No comments: