लालमण पाण्डे,प्रमोद
(संवत1911-1960)
रचना--प्रमोद प्रकाश)
प्रकाशित-1966
(संवत1911-1960)
रचना--प्रमोद प्रकाश)
प्रकाशित-1966
मन तौ उरझो उनपै सजनी ,
तनु तीर तुम्हारे भले हम लाईं,
हमरी रसना की कहा गति है,
जो कहै उनकी छवि की परछाईं,
चलि देखौ प्रमोद कहे न बने,
सुधि भूलि हौ देखत ही उन धाई,
जनु ब्रह्म सिंगार दुऔ अवतार,
धरे नर देह फिरै यहि ठाई,
तनु तीर तुम्हारे भले हम लाईं,
हमरी रसना की कहा गति है,
जो कहै उनकी छवि की परछाईं,
चलि देखौ प्रमोद कहे न बने,
सुधि भूलि हौ देखत ही उन धाई,
जनु ब्रह्म सिंगार दुऔ अवतार,
धरे नर देह फिरै यहि ठाई,
No comments:
Post a Comment