Saturday, 8 June 2013

जिसके मिलने से ख़ुदा बन जाऊँ,
ऐ ख़ुदा मुझको वो दौलत न मिले,

इतना मसरुफ न कर तू कि मुझे,
तुझसे मिलने की भी, फुरसत न मिले,
(ताहिर फराज)

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