जिन्दगी जो है भँवर,होके
उससे
भी गुजर,
सच है रास्ता तेरा,हक़ पे जाँ निसार कर,
जल उठें बुझे दिये,हर तरफ प्रकाश भर,
जिन्दगी तुझी से है,जिन्दगी से प्यार कर,
सच है रास्ता तेरा,हक़ पे जाँ निसार कर,
जल उठें बुझे दिये,हर तरफ प्रकाश भर,
जिन्दगी तुझी से है,जिन्दगी से प्यार कर,
जात-पात रंग नस्ल,धर्म
देश काल से,
प्यार है बड़ा महान,रीत रस्म जाल से,
मान लेगा, देख ले तू,प्यार से पुकार कर,
जिन्दगी तुझी से है,जिन्दगी से प्यार कर,
प्यार है बड़ा महान,रीत रस्म जाल से,
मान लेगा, देख ले तू,प्यार से पुकार कर,
जिन्दगी तुझी से है,जिन्दगी से प्यार कर,
रोकेंगी तुझे यहाँ,जाने कितनी
टोलियाँ,
भाँति-भाँति
रंग रूप,भाँति-भाँति बोलियाँ,
पर तेरा
डिगे
न मन,इस सफर से हार कर,
जिन्दगी तुझी से है,जिन्दगी से प्यार कर,
दुख औ सुख के रास्ते,है तेरे
ही वास्ते,
दिल कहे वो कर गुजर,इसमें है बहुत असर,
मान ले यकीन
कर,देख कह रही नज़र,
फूल से भी मिल गले,शूल से भी प्यार
कर,
जिन्दगी
तुझी
से है,जिन्दगी से प्यार कर,
देख-सुन समाज
को,रस्म
और रिवाज़़
को,
कल की बात छोड़़कर,तू सँवार आज को,
कल बनेगा खुद हसीन,तू न इंतजार कर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
कल की बात छोड़़कर,तू सँवार आज को,
कल बनेगा खुद हसीन,तू न इंतजार कर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
रूप दे कुरूप को,छाँव या कि धूप हो,
तू बदल कसौटियाँ, जो ये धरा अनूप हो,
जिस तरफ से भी गुजर, रास्ता सँवार कर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
आँख कान खोल कर हर तरफ तू देख ले,
है बहार आय़ी तो,फूल क्यों नहीं खिले,
सच बना भिखारी क्यों,झूठ ही के द्वार पर,
जिन्दगी ये कैसी है,इसमें एक आग भर,
है बहार आय़ी तो,फूल क्यों नहीं खिले,
सच बना भिखारी क्यों,झूठ ही के द्वार पर,
जिन्दगी ये कैसी है,इसमें एक आग भर,
जिन्दगी
तुझी
से है,जिन्दगी
से प्यार
कर,
बेटा क्यों
तरस रहा है,खेतिहर
किसान
का,
पेट क्यों
भरा हुआ है,सेठ की दुकान
का,
देख तू कमी कहाँ है,इसमें तू सुधार कर,
जिन्दगी तुझी से है,जिन्दगी से प्यार कर,
देख तू कमी कहाँ है,इसमें तू सुधार कर,
जिन्दगी तुझी से है,जिन्दगी से प्यार कर,
क्या बुरा
है क्या
भला,कर ये तू ही फैसला,
जड़ बुराई की जहाँ है,तू पकड़ ले वो गला,
जागरूक हों सभी,सबको होशियार कर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
जड़ बुराई की जहाँ है,तू पकड़ ले वो गला,
जागरूक हों सभी,सबको होशियार कर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
आसमां से बात कर,तो ले धरा की भी खबर,
कर तू ऐसी कोशिशें जो आम हो छिपा हुनर,
कष्ट हो दुखे न दिल,हर कदम सँभाल कर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
जो खुशी
कहीं-कहीं
है,उठ के उसको
आम कर,
जिन्दगी पुकारती है,उसको हक़ प्रदान कर,
सृष्टि हो सुरभिमयी,दृष्टि और सुरुचि नय़ी,
हर दिशा जहान में,गूँज उठे गान ये,
अमन और खुशी बिखेर,हर तरफ प्रचार कर,
जिन्दगी तुझी से है,जिन्दगी से प्यार कर,
जिन्दगी पुकारती है,उसको हक़ प्रदान कर,
सृष्टि हो सुरभिमयी,दृष्टि और सुरुचि नय़ी,
हर दिशा जहान में,गूँज उठे गान ये,
अमन और खुशी बिखेर,हर तरफ प्रचार कर,
जिन्दगी तुझी से है,जिन्दगी से प्यार कर,
कदम से मिले
कदम,बाँट
हो खुशी
या ग़म,
एक हो चले जो सब, तो होंगे कामयाब हम,
खिल उठें सुमन, चमन में फिर नई बहार कर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
जिंदगी जो राग है,तो जिंदगी एक आग भी,
जो ज्वलित अंगार है तो एक रंगीला फाग भी,
मृत्यु से भी मिल गले,पर मौत से पहले न मर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
एक हो चले जो सब, तो होंगे कामयाब हम,
खिल उठें सुमन, चमन में फिर नई बहार कर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
जिंदगी जो राग है,तो जिंदगी एक आग भी,
जो ज्वलित अंगार है तो एक रंगीला फाग भी,
मृत्यु से भी मिल गले,पर मौत से पहले न मर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
दे आवाज
जन उठें,तन उठें
औ मन उठें,
क्रान्ति की किरन उठे,एक एक कन उठे,
जल उठें बुझे दिये,ऐसी रण हुँकार कर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
क्रान्ति की किरन उठे,एक एक कन उठे,
जल उठें बुझे दिये,ऐसी रण हुँकार कर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर,
सोच ले विचार कर,मान ले यक़ीन कर,
जिंदगी तुझी से है,जिंदगी से प्यार कर
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