राह बोझिल न हो मुस्कराते चलो,पथ ये सूना न हो गुनगुनाते चलो,
राह बोझिल न हो पथ ये सूना न हो,मुस्कुराते चलो, गुनगुनाते चलो,
आज चढ़ने हमें हैं,नये आसमां, फासले वो मिटाने जो हैं दरमियां,
इस नये दौर में हम लुटाएंगे यूँ, प्यार जैसे लुटातीं हैं ये वादियां,
दे खुशी ग़म के आँसू चुराते चलो,वो जो रूठा उसे भी मनाते चलो,
इन हवाओं में घुटता है दम आजकल,ये घटाएं भी देतीं जलन आजकल,
हो के बेचैन टकरा रही हर नज़र, इस प्रतीक्षा में पाऊँ कोई तो डगर,
अपने तलुवों की ज्वाला जलाते चलो,जंगलों में नया पथ बनाते चलो...
ये गरीबी उदासी ये तनहाइयां,ये सियासत की बदरंग परछाइयां,
मुल्क के नौजवां जैसे सोए हुए,छल भरी रोशनी में हैं खोए हुए,
तोड़़ जादू डगर जगमगाते चलो,कल जो होगी वो सूरत दिखाते चलो,
फूल पत्ते अलग रंग खुश्बू अलग,पर ये सच है कि अपना चमन एक है,
जिससे जीवन का रस पी जवाँ हम हुए,कर्ज उस माँ का हम पर अभी शेष है,
दुख में धरती है धीरज बंधाते चलो,खोल दो आँख सबको जगाते चलो,...
पीतवर्णी हर एक शय का है चेहरा,गूँजता प्रश्न किसका करें आसरा,
वायु दूषित है संजीवनी प्राण की,भीत हिलती है जीवन के आधार की,
जीवनी जल तृषित को पिलाते चलो,रोशनी को अँधेरों में लाते चलो,
आज जीवन की पुस्तक को फिर से पढ़ो,दुख बढ़ाते हैं जो चित्र सब फाड़ दो,
आगमन शुभ कहो उस खुशी के लिए, जो जलाए बुझे जिन्दगी के दिए,
हर किरन रोशनी की बुलाते चलो, इस अँधेरे में मश्अल जलाते चलो,
आज हो तुम जवाँ कोई भय ना करो,बेसबब यूँ ही ये शक्ति क्षय न करो,
ढ़ाल जीवन में दो चेतना एक नई,तुम जो आओ लगे यूँ बहार आ गई,
एक खुश्बू हवा में लुटाते चलो,बन के नग्मा हर एक दिल पे छाते चलो,
जिन्दगी एक संघर्ष का नाम है,तेज तूफान ही जिसकी पहचान है,
लहर सागर पे लिक्खी कहानी है जो,टूट जाए झुके ना जवानी है वो,
पथ चलो जो भी काँटे उठाते चलो,जो भी सीखो उसे आजमाते चलो,
सत्य शिव सुन्दरम् की विजय के लिए,वक्त की है जो उलझी गिरह खोलिए,
सब सवालों का हल आप आ जाएगा,ये जमाना नयी रोशनी पाएगा ,
पग से पग दिल से दिल को मिलाते चलो,एकता शान्ति के गीत गाते चलो,
ज्ञान की ढ़ेरियों के हैं गुन अनगिनत,गुन जो पाएँ तो हैं ढ़ाई आखर बहुत,
तोड़ दें ये दुई की जो दीवार हम, लौ में जाए पिघल बंधनों का भी दम,
दे सहारा गिरे को उठाते चलो, मीत बन प्रीत दे गीत गाते चलो,
राह बोझिल न हो,मुस्कराते चलो,पथ ये सूना न हो गुनगुनाते चलो,
राह बोझिल न हो,पथ ये सूना न हो,मुस्कुराते चलोगुनगुनाते चलो,
राह बोझिल न हो पथ ये सूना न हो,मुस्कुराते चलो, गुनगुनाते चलो,
आज चढ़ने हमें हैं,नये आसमां, फासले वो मिटाने जो हैं दरमियां,
इस नये दौर में हम लुटाएंगे यूँ, प्यार जैसे लुटातीं हैं ये वादियां,
दे खुशी ग़म के आँसू चुराते चलो,वो जो रूठा उसे भी मनाते चलो,
इन हवाओं में घुटता है दम आजकल,ये घटाएं भी देतीं जलन आजकल,
हो के बेचैन टकरा रही हर नज़र, इस प्रतीक्षा में पाऊँ कोई तो डगर,
अपने तलुवों की ज्वाला जलाते चलो,जंगलों में नया पथ बनाते चलो...
ये गरीबी उदासी ये तनहाइयां,ये सियासत की बदरंग परछाइयां,
मुल्क के नौजवां जैसे सोए हुए,छल भरी रोशनी में हैं खोए हुए,
तोड़़ जादू डगर जगमगाते चलो,कल जो होगी वो सूरत दिखाते चलो,
फूल पत्ते अलग रंग खुश्बू अलग,पर ये सच है कि अपना चमन एक है,
जिससे जीवन का रस पी जवाँ हम हुए,कर्ज उस माँ का हम पर अभी शेष है,
दुख में धरती है धीरज बंधाते चलो,खोल दो आँख सबको जगाते चलो,...
पीतवर्णी हर एक शय का है चेहरा,गूँजता प्रश्न किसका करें आसरा,
वायु दूषित है संजीवनी प्राण की,भीत हिलती है जीवन के आधार की,
जीवनी जल तृषित को पिलाते चलो,रोशनी को अँधेरों में लाते चलो,
आज जीवन की पुस्तक को फिर से पढ़ो,दुख बढ़ाते हैं जो चित्र सब फाड़ दो,
आगमन शुभ कहो उस खुशी के लिए, जो जलाए बुझे जिन्दगी के दिए,
हर किरन रोशनी की बुलाते चलो, इस अँधेरे में मश्अल जलाते चलो,
आज हो तुम जवाँ कोई भय ना करो,बेसबब यूँ ही ये शक्ति क्षय न करो,
ढ़ाल जीवन में दो चेतना एक नई,तुम जो आओ लगे यूँ बहार आ गई,
एक खुश्बू हवा में लुटाते चलो,बन के नग्मा हर एक दिल पे छाते चलो,
जिन्दगी एक संघर्ष का नाम है,तेज तूफान ही जिसकी पहचान है,
लहर सागर पे लिक्खी कहानी है जो,टूट जाए झुके ना जवानी है वो,
पथ चलो जो भी काँटे उठाते चलो,जो भी सीखो उसे आजमाते चलो,
सत्य शिव सुन्दरम् की विजय के लिए,वक्त की है जो उलझी गिरह खोलिए,
सब सवालों का हल आप आ जाएगा,ये जमाना नयी रोशनी पाएगा ,
पग से पग दिल से दिल को मिलाते चलो,एकता शान्ति के गीत गाते चलो,
ज्ञान की ढ़ेरियों के हैं गुन अनगिनत,गुन जो पाएँ तो हैं ढ़ाई आखर बहुत,
तोड़ दें ये दुई की जो दीवार हम, लौ में जाए पिघल बंधनों का भी दम,
दे सहारा गिरे को उठाते चलो, मीत बन प्रीत दे गीत गाते चलो,
राह बोझिल न हो,मुस्कराते चलो,पथ ये सूना न हो गुनगुनाते चलो,
राह बोझिल न हो,पथ ये सूना न हो,मुस्कुराते चलोगुनगुनाते चलो,
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