Wednesday, 17 April 2013

कल तक चुप थे आज मगर हम, दिल की बात जरूर कहेंगे,


कल तक चुप थे आज मगर हम, दिल की बात जरूर कहेंगे,
तन को सुखी कर लें मन की पर, कैसे गरीबी दूर करेंगे,

मन का सुख ही सच्चा सुख है,सोचेंगे सब इन मसअ्लों पर,
नकली शक्ल दिखाने वाला,जब आईना चूर करेंगे,

पत्थर के संसार में, पत्थर दिल होंगे पर राम नहीं,
मन की आँखें खोल के कब ये, सच्चाई मन्जूर करेंगे,

हम ही तेरे सच्चे आशिक हैं,वक्त इसे दोहराएगा,
लिख लो आने वाले मुसाफिर, कल हमको मशहूर करेंगे,

सारे शहर की लगी निगाहें आज आपके ऊपर हैं,
कथनी और करनी का अंतर, कब तक दूर हुजूर करेंगे
,

No comments: