Wednesday, 24 April 2013

मेरी नज़र के नूर नजारे तुम्हीं तो हो,
इस टूटे हुए दिल के सहारे तुम्हीं तो हो,
 

इस बेवफा जहाँ में एक उम्मीद की किरन,
दिल का सुकून आँख के तारे तुम्हीं तो हो,
 

जल जाते हैं परवाने जिस आग में हँस-2 कर,
शम्मा की लौ के शोख शरारे तुम्हीं तो हो,
 

तूफाँ घिरी कश्ती का मुसाफिर डरे तो,
दिल का सहारा उसके किनारे तुम्हीं तो हो,
 

लोगों की बेवफाई से दिल डूब ही जाता,
उबरा जो देखकर वो इशारे तुम्ही तो हो,

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