गैरों के कंधों पर चढ़ कर,
कब मंज़िल तक पहुँचा कोई,
यदि किसी पहुँचा भी तो,
वह मंज़िल भी मंज़िल कोई,
कब मंज़िल तक पहुँचा कोई,
यदि किसी पहुँचा भी तो,
वह मंज़िल भी मंज़िल कोई,
अपने पैरों पर चलकर ही,
जब आगे कदम बढ़ाएंगे,
मंज़िल कदमों से लिपटेगी,
पाँवों के छाले गाएंगे,
जब आगे कदम बढ़ाएंगे,
मंज़िल कदमों से लिपटेगी,
पाँवों के छाले गाएंगे,
No comments:
Post a Comment