ऐसे तुम जलो दीपक,
ऐसे तुम चलो दीपक,
आस पाएं सब तुमसे,
ऐसे श्वांस लो दीपक,
ऐसे तुम चलो दीपक,
आस पाएं सब तुमसे,
ऐसे श्वांस लो दीपक,
जीत क्या सफलता क्या,
हार क्या विफलता क्या ?
डूबता अगर सूरज,
फिर नहीं निकलता क्या ?
हार क्या विफलता क्या ?
डूबता अगर सूरज,
फिर नहीं निकलता क्या ?
साथ कोई न हो तो,
रंज मन न लो दीपक,
रंज मन न लो दीपक,
ढ़ूँढ़ कर मिलाओ तुम,
हाथ अब अंधेरों से,
वास्ता भी मत रखना,
मतलबी सवेरों से,
हाथ अब अंधेरों से,
वास्ता भी मत रखना,
मतलबी सवेरों से,
ये तुझे बुझा देंगे,
अपनी राह लो दीपक,
अपनी राह लो दीपक,
जब विकट अंधेरा हो,
पास ना सवेरा हो,
मुश्किलों ने घेरा हो,
आसरा ही तेरा हो,
पास ना सवेरा हो,
मुश्किलों ने घेरा हो,
आसरा ही तेरा हो,
तब वहीं डटो दीपक,
तब न तुम टलो दीपक,
तब न तुम टलो दीपक,
कितनी दूर मंज़िल हो,
रास्ता न हासिल हो,
फनफनाती लहरों में,
पास में ना साहिल हो,
रास्ता न हासिल हो,
फनफनाती लहरों में,
पास में ना साहिल हो,
तुम कदम कदम चलकर,
सबको जीत लो दीपक,
सबको जीत लो दीपक,
डर अब किस बात का है,
तम की बिसात क्या है,
अंधकार रौशन है,
तू सूरज रात का है,
तम की बिसात क्या है,
अंधकार रौशन है,
तू सूरज रात का है,
अपनी आग में खुद ही,
ऐसे ही जलो दीपक,
लक्ष्य अंतिम है विसर्जन,
प्रात बनकर ढलो दीपक,
ऐसे ही जलो दीपक,
लक्ष्य अंतिम है विसर्जन,
प्रात बनकर ढलो दीपक,
No comments:
Post a Comment