Thursday, 15 September 2016

कितनी ही असंख्य, 
सीपों से भरा ,
समन्दर है,
पता नहीं चलता,
मोती पर,
किसके अन्दर है,
मनभाते फूलों से ,
चाहे चमन भरा हो,
फिर भी,
मेरी बगिया वाला,
फूल ही,
सबसे सुन्दर है,

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