सूरज की किरन बनेंगे हम (23)
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ओ रात के राही चलते चल,
घबरा न सवेरा होगा,
सूरज की किरन बनेंगे हम,
सब दूर अंधेरा होगा,
आँखों का अब कोई सपना,
मजबूर न होने देंगे,
जो वक्त करेगा प्रश्न
सभी अपने हाथों में लेंगे,
रुकना है नहीं थकना है नहीं,
मंज़िल ही पे डेरा होगा,
सूरज की किरन बनेंगे हम,
सब दूर अंधेरा होगा,
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ओ रात के राही चलते चल,
घबरा न सवेरा होगा,
सूरज की किरन बनेंगे हम,
सब दूर अंधेरा होगा,
आँखों का अब कोई सपना,
मजबूर न होने देंगे,
जो वक्त करेगा प्रश्न
सभी अपने हाथों में लेंगे,
रुकना है नहीं थकना है नहीं,
मंज़िल ही पे डेरा होगा,
सूरज की किरन बनेंगे हम,
सब दूर अंधेरा होगा,
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