Friday, 3 May 2013

साल महीने हफ्ते दिन      (25)
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सूरज चन्दा पृथ्वी हम,
सर्दी गर्मी सब मौसम,

आते है और जाते है,

कभी न रुकने पाते है,

सभी काटते है गिन-गिन,

साल महीने हफ्ते दिन,

समय गँवाते सुस्ती से,

काम न करते चुस्ती से,

वे पीछे रह जाते है, 

आगे ना बढ़ पाते है,

एक पहेली पूछे जो,

बूझ सको तो उत्तर दो,

अलादीन और उसका जिन्न,

तीन नाग में दो ना गिन,

कितने हुए बताओ जो, 

तुमको अव्वल माने हम,

कहते बढ़े चलो हर दिन,

साल महीने हफ्ते दिन,

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