Friday, 17 May 2013

मीठी बोली                    (13)
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कुहू-कुहू कर कोयल गाती,
मीठी बोली सबको भाती,

काँव-काँव कौआ चिल्लाता,
जो सुनता वो दूर भगाता,

कहती बिल्ली म्याऊँ-म्याऊँ,
चूहे हो तो मैं खा जाऊँ,

जब हैं काले बादल छाते,
टर्र-टर्र मेढ़क टर्राते,

बादल गड़-गड़ करते दूर,
जंगल में नाचता मयूर,

गदहा कहता ढ़ेंचूँ-ढ़ेंचूँ,
इतना बोझा कब तक खैंचूँ,

उदित बोलता-सुन ले जीजी,
कुत्ते बोल रहे अँग्रेजी,

गार्गी कहती-पप्पा जी,,
हमें दिला दो,तुम चिज्जी,

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