मीठी बोली (13)
-------------
कुहू-कुहू कर कोयल गाती,
मीठी बोली सबको भाती,
काँव-काँव कौआ चिल्लाता,
जो सुनता वो दूर भगाता,
कहती बिल्ली म्याऊँ-म्याऊँ,
चूहे हो तो मैं खा जाऊँ,
जब हैं काले बादल छाते,
टर्र-टर्र मेढ़क टर्राते,
बादल गड़-गड़ करते दूर,
जंगल में नाचता मयूर,
गदहा कहता ढ़ेंचूँ-ढ़ेंचूँ,
इतना बोझा कब तक खैंचूँ,
उदित बोलता-सुन ले जीजी,
कुत्ते बोल रहे अँग्रेजी,
गार्गी कहती-पप्पा जी,,
हमें दिला दो,तुम चिज्जी,
-------------
कुहू-कुहू कर कोयल गाती,
मीठी बोली सबको भाती,
काँव-काँव कौआ चिल्लाता,
जो सुनता वो दूर भगाता,
कहती बिल्ली म्याऊँ-म्याऊँ,
चूहे हो तो मैं खा जाऊँ,
जब हैं काले बादल छाते,
टर्र-टर्र मेढ़क टर्राते,
बादल गड़-गड़ करते दूर,
जंगल में नाचता मयूर,
गदहा कहता ढ़ेंचूँ-ढ़ेंचूँ,
इतना बोझा कब तक खैंचूँ,
उदित बोलता-सुन ले जीजी,
कुत्ते बोल रहे अँग्रेजी,
गार्गी कहती-पप्पा जी,,
हमें दिला दो,तुम चिज्जी,
No comments:
Post a Comment