फूल फूल कितने तुम अच्छे,
तुम्हें प्यार करते हम बच्चे,
सबका मन कैसे लुभाते,
काँटों के बीच मुस्कराते,
जंगल हो घर आँगन बगिया,
सभी जगह बाँट रहे खुशियाँ,
दुख- सुख भुला अपने जी का,
तुमने बस खिलना है सीखा,
खुश्बू लुटाते हो सच्चे,
फूल-फूल कितने तुम अच्छे,
कितने रंग की पहने वर्दी,
लगती नहीं तुमको सर्दी,
वर्षा में बूँदों के शोर से,
और निखर आते हो जोर से,
लाल हरा नीला या पीला,
बैजनी गुलाबी चटकीला,
रंग नहीं कोई भी कच्चे,
फूल-फूल कितने तुम अच्छे,
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