Thursday, 9 May 2013

अक्कड़-बक्कड़ बम्बे बो,   (20)
सुबह हुई आँखें खोलो

धिंगधिंग धिंगधिंग धिंगतारा,
भाग गया आलस सारा,

धम्म धमाधम धम्मक धम,
खाओ जलेबी गरम गरम,

किड़क किड़क की झइयम झम,
तूफानों में हँसते हम,

अड़रम गड़रम ढ़म्मक ढ़म,
घर को भागो खेल खतम,

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