मन करता है फूल चढ़ा दूँ,लोकतन्त्र की अर्थी पर,
भारत के बेटे निर्वासित हैं अपनी ही धरती पर,
राजमहल को शरम नहीं है,घायल होती थाती पर,
भारत मुर्दाबाद लिखा है, श्रीनगर की छाती पर,
सेना को आदेश थमा दो,घाटी ग़ैर नहीं होगी,
जहाँ तिरंगा नहीं मिलेगा,उनकी खैर नहीं होगी,..
(डा हरिओम पवार)
भारत के बेटे निर्वासित हैं अपनी ही धरती पर,
राजमहल को शरम नहीं है,घायल होती थाती पर,
भारत मुर्दाबाद लिखा है, श्रीनगर की छाती पर,
सेना को आदेश थमा दो,घाटी ग़ैर नहीं होगी,
जहाँ तिरंगा नहीं मिलेगा,उनकी खैर नहीं होगी,..
(डा हरिओम पवार)
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