कल का हिन्दुस्तान.........
Friday, 27 September 2013
आईने से बिगड़ के बैठ गए,
जिनकी सूरत जिन्हें दिखाई गई,
जिन्दगी का नसीब क्या कहिए,
एक सीता थी जो सताई गई,
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