निज अरमानों का घोंट गला मत तू ऐसे,
चलता जा आगे बढ़ता जा आँधी जैसे,
आँधी में भी चल, चलती जैसे गोली है,
चलना जीवन रुकना है मौत,
ये दीवानों की बोली है,
चलता जा आगे बढ़ता जा आँधी जैसे,
आँधी में भी चल, चलती जैसे गोली है,
चलना जीवन रुकना है मौत,
ये दीवानों की बोली है,
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