(यार बिना जग का क्या करना,यार बिना जग सूना,
जग के बदले यार मिले तो यार का मोल दूँ दूना)
कभी कसमें न तोड़े,
उसे जीते जी न छोड़े,जो हो यार अपना,
बैर पड़ जाए चाहे जहान से,
ओ यारी यार की निभाएं सदा शान से,-2
जान रहे चाहे जाए,
आँच उसपे ना आए, जो हो यार अपना,
कभी कसमे ना तोड़े,
उसे जीते जी ना छोड़े,
चाहे रोके दुनिया सारी,
उसपे करदे सब कुछ वारी,
हाथ रहे चाहे टूटे,
बाँह उसकी न छूटे,
घाव कितने भी सहिए,
बुरा उसको न कहिए,
जान रहे चाहे जाए,
आँच उसपे ना आए,
जो हो यार अपना,
(साहिर)
जग के बदले यार मिले तो यार का मोल दूँ दूना)
कभी कसमें न तोड़े,
उसे जीते जी न छोड़े,जो हो यार अपना,
बैर पड़ जाए चाहे जहान से,
ओ यारी यार की निभाएं सदा शान से,-2
जान रहे चाहे जाए,
आँच उसपे ना आए, जो हो यार अपना,
कभी कसमे ना तोड़े,
उसे जीते जी ना छोड़े,
चाहे रोके दुनिया सारी,
उसपे करदे सब कुछ वारी,
हाथ रहे चाहे टूटे,
बाँह उसकी न छूटे,
घाव कितने भी सहिए,
बुरा उसको न कहिए,
जान रहे चाहे जाए,
आँच उसपे ना आए,
जो हो यार अपना,
(साहिर)
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