जाने क्या तूने कही,जाने क्या मैंने सुनी,
बात कुछ बन ही गई,
सनसनाहट सी हुई,थरथराहट सी हुई,
जाग उठे ख्वाब कई,बात कुछ बन ही गई,
नैन झुक-झुक के उठे,पाँव रुक-रुक के उठे,
आ गई चाल नई,बात कुछ बन ही गई,
ज़ुल्फ़ शाने पे मुड़ी,एक खुश्बू सी उड़ी,
खुल गए राज़ कई,बात कुछ बन ही गई,
जाने क्या तूने कही,जाने क्या मैंने सुनी,
बात कुछ बन ही गई,
(साहिर)
बात कुछ बन ही गई,
सनसनाहट सी हुई,थरथराहट सी हुई,
जाग उठे ख्वाब कई,बात कुछ बन ही गई,
नैन झुक-झुक के उठे,पाँव रुक-रुक के उठे,
आ गई चाल नई,बात कुछ बन ही गई,
ज़ुल्फ़ शाने पे मुड़ी,एक खुश्बू सी उड़ी,
खुल गए राज़ कई,बात कुछ बन ही गई,
जाने क्या तूने कही,जाने क्या मैंने सुनी,
बात कुछ बन ही गई,
(साहिर)
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