Friday, 22 November 2013

नहीं है वो प्यार जिसको तुमने ओ मेरे दिलबर है प्यार जाना,
है प्यार वो नाम जिसके दम पर ये चल रहा आज भी ज़माना,

सुनो ज़माना है बस उसी का,जो प्यार में खो गया किसी के,
जो ग़म मिला तो नहीं है शिकवा,जो जाम पाया पिया खुशी से,

जो ख़ुदकुशी करके मर गए हैं, मुझे बताओ कि वे जिए हैं,
जहाँ की खुशियाँ जहाँ की रौनक़ जहाँ की जन्नत तेरे लिए है,

वो क़ाबिले-फ़ख़्र होगा इन्सां,जो मुश्किलों से लड़े बराबर,
जो दिल कहे वो ही सच समझकर मुसीबतों से भिड़े बराबर,

है प्यार ईसा है प्यार गाँधी समझ लो गंगा न समझो आँधी,
न कोई बन्धन है इससे बढ़कर, न इससे बढ़कर कोई भलाई,

हर इक जुबां पे है नाम इसका कि नफ़रतों को सलाम इसका,
है ये वो ताक़त कि जिसके बलपर मिलेगा तुझको हर इक ख़ज़ाना,

मुझे तो प्यारा न आसमां है ,मुझे है प्यारा यही ज़माना,
है प्यार वो नाम जिसके दम पर ये चल रहा आज भी ज़माना,

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