Friday, 8 November 2013

किसी धर्म मज़हब का हो,मैं करता सबका आदर,
किसी जाति का हो कोई भी, सारे भाई बिरादर,
सारा विश्व मेरा परिवार,मैं हूँ दिल्ली का दिलवाला,

मेरे रंग हैं कई हजार मैं हूँ, दिल्ली का दिलवाला,
मेरे घर की है सरकार,मै हूं दिल्ली का दिलवाला,

एक जगह कब रुक सकता हूँ,मैं हूँ रमता जोगी,
दिल में जगह बना लूँगा,कुछ खबर न तुमको होगी,
मुझसे मिलना तो एक बार,मैं हूँ दिल्ली का दिलवाला,

मेरे रंग हैं कई हजार मैं हूँ, दिल्ली का दिलवाला,
मेरे घर की है सरकार,मै हूं दिल्ली का दिलवाला,

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