Friday, 8 November 2013


सुनो गज़र क्या गाए,समय गुजरता जाए,
ओ रे जीने वाले,ओ रे भोले भाले,
सोना ना..खोना ना..

गिने चुने पल हैं, तेरे जीवन के,
धूम मचा अभी,दिन हैं मिलन के,

ओ रे जीने वाले,ओ रे भोले भाले,
सोना ना..खोना ना..

हुश्न भी फ़ानी और इश्क भी फानी है,
हँस के बिता ले दो घड़ी की जवानी है,

ओ रे जीने वाले,ओ रे भोले भाले,
सोना ना..खोना ना..

बिछड़ा जमाना कभी हाथ न आएगा,
दोष न देना मुझे फिर पछताएगा,

ओ रे जीने वाले,ओ रे भोले भाले,
सोना ना..खोना ना..

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