अगर कहीं हम उड़ सकते जो,
चाँद- सितारे छू सकते तो,
कितना मज़ा हमें तब आता,
कोई नहीं हमको छू पाता,
उड़ते मस्ती भरे झूमते,
अपना प्यारा देश घूमते,
उड़ते जंगल, सागर, बगिया,
और देखते, सारी दुनिया,
दोस्त बनाते देश- देश के,
कुछ स्वदेश के,कुछ विदेश के,
संस्कृतियों से जुड़ सकते तो,
अगर कहीं हम उड़ सकते जो,
चाँद- सितारे छू सकते तो,
कितना मज़ा हमें तब आता,
कोई नहीं हमको छू पाता,
उड़ते मस्ती भरे झूमते,
अपना प्यारा देश घूमते,
उड़ते जंगल, सागर, बगिया,
और देखते, सारी दुनिया,
दोस्त बनाते देश- देश के,
कुछ स्वदेश के,कुछ विदेश के,
संस्कृतियों से जुड़ सकते तो,
अगर कहीं हम उड़ सकते जो,
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