कल का हिन्दुस्तान.........
Friday, 8 November 2013
देखो ये उत्साह हमारा, निकल पड़े जब राहों में,
कदमों को चूमें धरती, आकाश हमारी बाँहों में,
विघ्नों की औकात भला क्या आए जो अगाड़ी में,
जैसे साँप छुपा बैठा है, दम साधे इस झाड़ी में,
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment