Friday, 1 November 2013

हम हैं तेरी संतान,
ये प्राण तेरी देन हैं ये देह तेरा दान,
अल्लाह कहे कोई तुझे या कोई कहे भगवान,
हम हैं तेरी संतान,

जीवन में हर एक मोड़ पे ठोकर से बचाना,
भटकें तो हमें हाथ पकड़ राह पे लाना,
हम जो भी हैं बस इतना रहे ध्यान,
हम हैं तेरी संतान,

दुनियाँ में कभी झूठ के आगे न झुकें हम,
सच बात के ऐलान पे रोके न रुकें हम,
मिल जाय तेरे द्वार से हम सबको ये वरदान,
हम हैं तेरी संतान,

हम देश की धरती पे नए फूल खिलाएँ,
पुरखों से जो पाई वो कला आगे बढ़ाएँ,
हमसे हो नए युग के नए ज्ञान की पहचान,
हम हैं तेरी संतान,

इन्सान की सेवा हो सदा काम हमारा,
इस काम से संसार में हो नाम हमारा,
इस देश का इतिहास सदा हम पे करे मान,
हम हैं तेरी संतान,

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